गरीबों की ट्रान्सपोर्टिंग गाड़ी, यह गाड़ी जुगाड़ गाड़ी के नाम से जानी जाती है । केवल एक वाटर डीजल एन्जिन और चार पहियों पर खड़ा ढांचा । कीमत केवल पैंतीस चालीस हजार रू बस तैयार है गरीब किसानों का ट्रक । लूटमार और मंहगाई वाली गाडि़यों की तुलना में इसके दाम भी कम और मैण्टीनेन्स तथा नित्य खपत भी कम । मुरैना, चम्बल, ग्वालियर, मध्यप्रदेश, भिण्ड,श्योपुर इटावा, कानपुर, उत्तरप्रदेश, राजस्थान और पंजाब के किसान इसका उपयोग कर रहे हैं । यह चित्र मुरैना मध्यप्रदेश का है ।



6 comments:
धांसू जुगाड़!
मजेदार बात यह कि इस का कोई रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग लायसेंस, बीमा आदि नहीं है। अगर दुर्घटना हो जाए और मुआवजे का मुकदमा भी तो बस समझिए मालिक और ड्राइवर बरबाद।
धन्यवाद। यह जुगाड़ मैने अपनी पोस्ट पर जुगाड़ दिया है!
गुरू मुरैना कब पधार गये ?
आये थे तो मिलकर जाना था. भौत गलत बात है..
सही जुगाड़. :)
शुक्ला जी धन्यवाद, द्विवेदी जी..ऐसा कुछ न हो इसके लिये भी जुगाड़ की जरूरत लगती है।
पाण्डेय जी आप गज़ब के जुगाड़ी हैं :)।
भुवनेश, यार उधर आना नही हुआ अभी, जब आना होगा तो आपको अवश्य सूचित करेंगे।
सही है समीर जी :)।
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