28 October 2007

The Blue-Beauty ~ अन्तरिक्ष से जमीं के नज़ारे

हमारी पृथ्वी की ये खूबसूरत तस्वीरें अन्तरिक्ष से ली गयी हैं, मुझे कुछ दिनों पहले ई-मेल से पॉवर प्वाइन्ट शो (.pps) के रूप मे मिली थीं।









यहाँ से .pps (file) डाउनलोड कर सकते हैं।

22 October 2007

गली का सर्कस - कलाकार

Child Artist in Roadside Circus

                                 Image 027

Image 030

Image 029Image 028

 

15 October 2007

Bridge Over River Ganga: Allahabad - इलाहाबाद: गंगा नदी पर पुल

गंगा नदी पर बना यह पुल सड़क मार्ग (इलाहाबाद-बनारस) द्वारा इलाहाबाद (शहर) को झूँसी से जोड़ता है, जिसको शास्त्री पुल नाम से भी जाना जाता है, शहर की ओर ये मिन्टो-पार्क के पास से प्रारम्भ होता है।

Shashtri Bridge Over Ganga River in Allahabad

नीचे की तस्वीर गंगा नदी पर ही बने रेलवे पुल की है जो इलाहाबाद सिटी स्टेशन (दारागंज होते हुए) को झूँसी से जोड़ता है, इलाहाबाद-वाराणसी (बनारस) लाइन

Rail Bridge over Ganga

दोनो चित्र शिवगंगा एक्सप्रेस के आखिरी डिब्बे (गार्ड केबिन) से लिये गये थे, जब मै ९ अगस्त २००७ को वाराणसी गया था। आखिरी डिब्बे के पीछे की ओर लगा कांच इतना गन्दा न होता तो ऊपर की तस्वीर और अच्छी लगती।

13 October 2007

Lens, Aperture and Shutter - लेंस, एपरचर तथा शटर

विभिन्न प्रकार के विषयों की हर तरह के प्रकाश मे फोटोग्राफी करने के लिये कैसे कैमरे की आवश्यकता होती है ? इस प्रश्न का उत्तर  यही है कि कैमरा तकनीकी तौर पर दुरुस्त होना चाहिये। किसी कैमरे की दक्षता मुख्यतः दो चीजों पर आधारित होती है, लेंस तथा शटर

१. लेंस (Lens): लेंस एक गोलाकार कांच का टुकड़ा होता है, जिसका मध्य भाग उभरा हुआ तथा किनारा पतला होता है (उभयोत्तल लेंस)। लेंस मे प्रकाश की किरणों को एकाग्र करने का गुण होता है। प्रकाश की किरणें लेंस से गुजरकर दूसरी ओर एक बिन्दु पर एकाग्र होती हैं। लेंस के इसी गुण के कारण प्रतिबिम्ब बनता है।

जिस लेंस से अधिक से अधिक प्रकाश कैमरे तक पहुँचता है, वह लेंस अधिक शक्तिशाली कहलाता है। कैमरों मे प्रकाश की तीव्रता का अनुकूलन (Adjustment)  डायफ़्राम (Diaphragm) अथवा स्टॉप (Stop size) द्वारा किया जाता है। इसे ही एपरचर भी कहते हैं।

किसी लेंसे की गति (Speed)  उसके अधिकतम स्टॉप साइज अथवा एफ़ ('f') नम्बर से जानी जाती है।

     

अत: 'एफ' नम्बर डायफ्रम के व्यास को बढ़ाने से उसके वर्ग के अनुपात से घटता है और उसके नाभ्यन्तर (Focus length)  को बढा़ने से उसके वर्ग के अनुपात मे बढ़ता है।

                      

एक 'f/8' लेंस उसे कहते हैं, जिसका व्यास (वक्रता त्रिज्या x 2) उसके नाभ्यान्तर का १/८ (one-eighth) हो। इसी प्रकार  'f/3.5' वह लेंस है, जिसका व्यास इसके नाभ्यान्तर का १/३.५ हो। अतः '' नम्बर जितना कम होगा लेंस उतना ही शक्ति वाला होगा।

f/8 लेंस तथा फ़/२ लेंस की गति की तुलना बहुत सरलता से की जा सकती है:

८x८/२x२ = ६४/४ = १६/१

इस प्रकार, 'f/८' की अपेक्षा 'f/२' लेंस १६ गुणा तेज है, इसी प्रकार 'f/३.५' की अपेक्षा फ़/२ लेंस लगभग ३ गुणा और 'f/६/३' की अपेक्षा 'f/४.५' दो गुना तथा 'सिंगल लेंस' (जिसकी फोकस दूरी उसकी वक्रता-त्रिज्या की दुगुनी हो) की अपेक्षा 'f/६.३' चार गुना तेज होता है।

11 October 2007

Introduction to Cameras - कैमरों का परिचय

           आधुनिक युग मे फोटोग्राफी का अत्यधिक महत्त्व है। इसमें लेशमात्र भी संदेह नही है कि फोटोग्राफी की सहायता के बिना अनेक आधुनिक वैज्ञानिक तथा औद्योगिक आविष्कार अधूरे ही रह जात। विज्ञान तथा उद्योग के अतिरिक्त सामाजिक एवं सांस्कृतिक उत्सवों आदि से सम्बन्धित ऐसे अनेक अवसर जीवन मे आते हैं जिनको हम यादगार के तौर पर स्थायी बना लेना चाहते हैं। फोटोग्राफी की सहायता से हम उन क्षणों को हमेशा के लिये स्थायी बना लेते हैं जो फिर कभी लौट के नहीं आते।

 

The Eye and Camera: Image forming mechanism

आँख और कैमरा: प्रतिबिम्ब बनने की क्रियाविधि

(कैमरे की ही तरह रेटिना पर भी छवि उल्टी ही बनती है)

फोटोग्राफी की शुरुआत करने और सीखने के लिये सबसे पहले कैमरे की आवश्यकता होती है, विभिन्न प्रकार के कैमरों को उनकी तकनीकी विशेषता तथा उपयोग के अनुसार श्रेणियों मे  विभाजित किया जाता है। कैमरा इश्तेमाल करने वाले हर व्यक्ति को कैमरे के सम्बन्ध मे जरूरी जानकारी होना आवश्यक है। फोटोग्राफी के लिये प्रयुक्त कैमरों के सम्बन्ध मे जानकारी प्राप्त करने के बाद ही अपने अभिरुचि और आवश्यकता के अनुरूप कैमरे का चुनाव करना चाहिये।