साधारण भाषा मे जब आप किसी छोटी वस्तु का काफी नजदीक से चित्र खींचते हैं तो उसे Macro Shot कहा जाता है।
भौतिकी के नियमानुसार ऐसी अवस्था, जब, उभयोत्तल लेंस द्वारा पट पर बना चित्र वस्तु के समान आकार का हो। ऐसा तब होता है जब वस्तु की लेंस के केन्द्र से दूरी उसकी फ़ोकस दूरी के बराबर होती है।
लेन्स की समान्य स्थिति मे नजदीक से चित्र लेने पर चित्र धुंधला दिखता है इसलिये इस प्रकार के चित्र लेने के लिये अलग मोड प्रयोग किया जाता है, लगभग सभी डिजिटल कैमरों मे यह सुविधा होती है।
इसी प्रकार ऑटोमोड मे फ़ोकसिंग मल्टीप्वाइंट होती है, जिससे कि जो भी दृश्य एल सी डी पर दिख रहा है, कैमरा अपने सेंसर का प्रयोग करके अधिक क्षेत्र की गहराई (Depth of field) से युक्त फ़ोकस दूरी चयन कर लेता है।
मीटरिंग (Metering) वह प्रणाली है जिसके अनुसार, एक निश्चित (प्रायः प्राकृतिक) प्रकाश की मात्रा की उपस्थिति मे शटर स्पीड ( Shutter Speed) अपरचर (Aperture, denoted as F Value) और सी सी डी (Charge-coupled Device) की संवेदन शीलता (ASA or ISO Value) सुनिश्चित की जाती है।
प्रस्तुत चित्र मे Center AF फ़ोकसिंग विधि का प्रयोग किया गया है, Background मे अधिक रोशनी होने के कारण Spot Metering और Auto Settings वांछित परिणाम देने की स्थिति मे नही थे इसलिये CCD की संवेदन शीलता बढ़ाकर (४०० ए एस ए या आइ एस ओ) Flash (Slow Sync Mode) के साथ संतोषजनक परिणाम प्राप्त हुए।






















































