आज हिन्दी जगत के दर्शन हुए।
हिन्दीजगत:
हिन्दीजगत ये आप जैसे सदस्यो ने चलाई हुई हिन्दी कहानी यो की वेबसाईट है। ईसका मतलब की ईस वेबसाईट की सब कहानीया सदस्यो ने सुझाई है। जब आप कोई कहानी हिन्दीजगत को सुझाते है तो बाकी सदस्य आपकी सुझाई वाली कहानी पढ्ते है। अगर बाकी सदस्यो को आपकी कहानी पसंद आयी तो वे उस कहानी को मत देते है। अगर आपके कहानी को दो सदस्यो ने मत दिया तो आपकी कहानी पहले पन्ने पर आ जाती है। अगर आपकी कहानी पहले पन्ने पर आ गई तो लाखो हिन्दी लोग आपकी कहानी पढ सकते है।
[ऊपर के शब्द कथित जाल पृष्ठ से लेकर चिपकाये गये हैं । अशुद्धियों के लिये कृपया मुझे बख्श दें :-)]
मुझे यहाँ पर कहानियाँ तो नहीं पर बहुत सारे हिन्दी चिट्ठाकारों की प्रविष्टियाँ भी पढ़ने को मिलीं।
आप भी एक दृष्टि डालें और लाभ उठायें।
शायद श्रीष इस पर और प्रकाश डाल सकते हैं। मेरी जानकारी के अनुसार ये जाल पृष्ट इसी माह प्रारम्भ हुआ है, और इसके मालिक कोई देशमुख साहब हैं।
मेरे विचार से अच्छा प्रयास है, हिन्दी पाठक संख्या मे अवश्य वृद्धि होगी।







