पिछले तीन दिनो से लगातार बरफ पड़ रही है, और चारो तरफ़ सब कुछ सफ़ेद हो गया है, ऐसे मे गर्मी के दिनों की याद आती है। जुलाई मे सन बेनेदेत्तो देल त्रोन्तो (San Benedetto del Tronto) के खूबसूरत लुन्गो मारे (Beach Way) पर लगे पीले कनेर और गेंदे के फूल बहुत अच्छे लग रहे थे।
आना मेरे गाँव, तुम्हें मैं दूँगी फूल कनेर के।
पूरी कविता यहाँ पढ़ी जा सकती है।
-अनन्त कुशवाहा
A Hindi Children Poem (Bal Geet) by Anant Kushwaha
गुगल इमेज सर्च मे हिन्दी या अंग्रेजी मे कनेर (Kaner Flower) खोजने पर जो परिणाम आये उनमे मुख्यतः पीले फूल जो देखे उन्हे हम कंदैल के नाम से जानते हैं।
कोई इस पुष्प का सबसे ज्यादा प्रचलित नाम बता सके तो आभारी रहूँगा।




6 comments:
आपके चित्र और अनन्त कुशवाहा का गीत ,साथ साथ हों।बहुत सुन्दर।
मिश्राजी
यह कनेर के फूल तो नहीं है, पर जो भी हैं; है बड़े ही सुन्दर।
कनेर के फूल लगभग दो इन्च लम्बे होते हैं, नीचे एक पतली सी नली होती है और फूल को तोड़ कर चूसने पर मीठा मीठा रस आता है।
पेड़ जरा बड़े होते हैं और पत्ते एकदम पतले, जिन्हें तोड़ने पर दूध निकलता है।
हरे रंग का फल कुछ सिंघाड़े जैसा होता है।
....हाँ और वह बर्फ भी दिखाईये अब
सुन्दर...
वाह, बहुत खूब :)
चित्र बहुत सुन्दर है, इसके साथ एक जानकारी जुड़ी है, मेरे गाँव मे यह माना जाता है कि अगर गर्भवती महिला इस फूल को शंकर जी अर्पित करती है तो उसे बेटे की प्राप्ति होती है, इसी कुल मे एक सफेद फूल भी होता है, उसे चढाने से बेटी किस्मत फोड़ती है( पैदा होती है) इसलिये इस पीले फूल की किस्मत अच्छी होती है, और लगभग हर घर के सामने मिलता है, और सफेद वाला कही जंगल झाड़ियो मे खुद ही अपनी किस्मत बनाने की कोशिश मे लगा रहता है... इतनी ही खबर है नाम वाम से क्या लेना देना... फूल सुन्दर होने चाहिये... जो घर के बागीचे मे मस्त लगे :)
gorgeous plant
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